Hydrocele का उपचार विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है, जैसे कि समस्या की गंभीरता और रोगी की उम्र। यहाँ कुछ सामान्य उपचार विधियाँ हैं:

  1. स्व-निगरानी (Observation):
    • अगर Hydrocele छोटा है और कोई विशेष समस्या या दर्द नहीं कर रहा है, तो डॉक्टर केवल निगरानी करने की सलाह दे सकते हैं। कभी-कभी यह अपने आप ठीक हो सकता है।
  2. एस्पिरेशन (Aspiration):
    • इस प्रक्रिया में सुई और सिरिंज का उपयोग करके द्रव को निकाला जाता है। यह केवल अस्थायी राहत प्रदान करता है और Hydrocele फिर से भर सकता है।
  3. सर्जरी (Surgery):
    • अगर Hydrocele बड़ा है या असुविधा का कारण बन रहा है, तो सर्जरी की जाती है। सर्जिकल प्रक्रिया को “Hydrocelectomy” कहा जाता है, जिसमें द्रव को निकालने के लिए अंडकोश में चीरा लगाया जाता है और द्रव की थैली को हटाया जाता है।

कारण (Causes)

Hydrocele के कारणों में शामिल हैं:

  • जन्मजात कारण: नवजात शिशुओं में यह आम है और जन्म के समय से मौजूद हो सकता है।
  • आघात या चोट: अंडकोश को लगी चोट भी Hydrocele का कारण बन सकती है।
  • संक्रमण: अंडकोश या उसके आस-पास संक्रमण होने से द्रव का संचय हो सकता है।
  • अन्य स्थितियाँ: जैसे कि हर्निया, ट्यूमर, या अन्य सर्जिकल प्रक्रियाओं का परिणामस्वरूप भी Hydrocele हो सकता है।

लक्षण (Symptoms)

  • अंडकोश में सूजन: यह सबसे आम लक्षण है। सूजन आमतौर पर दर्द रहित होती है।
  • अंडकोश में भारीपन: कुछ लोगों को अंडकोश में भारीपन महसूस हो सकता है।
  • असुविधा या दर्द: अगर Hydrocele बड़ा हो जाता है, तो इससे असुविधा या हल्का दर्द हो सकता है।

अगर आपको Hydrocele के लक्षण महसूस होते हैं या कोई असुविधा हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है। वे उचित परीक्षण और उपचार की सिफारिश कर सकते हैं।

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