1. धमनीकाठिन्य (Atherosclerosis): कोरोनरी धमनियों में प्लाक (चर्बी, कोलेस्ट्रॉल, और अन्य पदार्थ) जमा हो जाता है, जिससे रक्त प्रवाह में रुकावट हो सकती है।
  2. रक्त के थक्के (Blood Clots): यदि प्लाक टूट जाता है, तो रक्त का थक्का बन सकता है जो धमनी को पूरी तरह से अवरुद्ध कर सकता है।
  3. स्पाज्म (Spasm): कोरोनरी धमनी में ऐंठन हो सकती है जो अस्थायी रूप से रक्त प्रवाह को रोक सकती है।

हार्ट अटैक के लक्षण

हार्ट अटैक के लक्षण व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर करते हैं, लेकिन सामान्यतः इनमें शामिल हैं:

  • सीने में दर्द या असुविधा (यह दर्द अक्सर सीने के बीच में या बाईं ओर होता है और कुछ मिनटों से अधिक समय तक रह सकता है)
  • सीने में दबाव, भारीपन, कसाव, जलन या निचोड़ने जैसा महसूस होना
  • बाहों, गर्दन, जबड़े, या पीठ में दर्द
  • सांस की तकलीफ
  • पसीना आना
  • चक्कर आना या बेहोशी महसूस होना
  • मिचली या उल्टी

हार्ट अटैक के जोखिम कारक

  • उच्च रक्तचाप (Hypertension)
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol)
  • धूम्रपान (Smoking)
  • मधुमेह (Diabetes)
  • मोटापा (Obesity)
  • गतिहीन जीवनशैली (Sedentary lifestyle)
  • पारिवारिक इतिहास (Family history)
  • तनाव (Stress)
  • अल्कोहल का अत्यधिक सेवन (Excessive alcohol consumption)

रोकथाम के उपाय

  • स्वस्थ आहार (Healthy diet)
  • नियमित व्यायाम (Regular exercise)
  • धूम्रपान छोड़ना (Quitting smoking)
  • शराब का सेवन सीमित करना (Limiting alcohol intake)
  • तनाव प्रबंधन (Stress management)
  • नियमित स्वास्थ्य जांच (Regular health check-ups)

हार्ट अटैक का संदेह होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। समय पर उपचार से हृदय की मांसपेशियों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है और जीवन बचाया जा सकता है।

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